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Ref: 25.06.1970


"...व्यक्त लोक में रहते

अव्यक्त वतन की भाषा

को जान सकते हो?

अव्यक्त वतन की

भाषा कौन सी होती है?

 

कब अव्यक्त वतन की

भाषा सुनी है?

 

अभी तो अव्यक्त को

व्यक्त लोक के निवासियों

के लिए अव्यक्त आधार ले

व्यक्त देह की रीति

माफिक बोलना पड़ता है।

 

वहाँ अव्यक्त वतन में तो

एक सेकंड में

बहुत कुछ रहस्य

स्पष्ट हो जाते हैं।

 

यहाँ आप की दुनिया में

बहुत बोलने के बाद

स्पष्ट होता है।

 

यह है फ़र्क

व्यक्त भाषा और

अव्यक्त बापदादा के

इशारों से यह

समझ सकते हो कि

आज बापदादा क्या देख रहे हैं?

 

जैसे साइंस द्वारा

कहाँ-कहाँ बातें,

कहाँ कहाँ के दृश्य

कैच कर सकते हैं।

 

वैसे आप लोग

अव्यक्त स्थिति के

आधार से सम्मुख की

बातों को कैच

नहीं कर सकते हो? ..."

 

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