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Ref: 20.05.1971 |
"...दृष्टि से सृष्टि बदलती है यह भी अभी की कहावत है।
कैसी भी तमोगुणी वा रजोगुणी आत्मायें आयें, लेकिन आपकी सतोगुणी दृष्टि से उनकी सृष्टि, उनकी स्थिति बदल जाये, उनकी वृत्ति बदल जाये।
आगे चलकर यह अनुभव बहुत आत्मायें करेंगी। जैसे यादगार दिखाया हुआ है कि तीनों लोकों का साक्षात्कार कराया। यह भी अभी का गायन है।
आप लोगों के सामने आने से दृष्टि द्वारा उन्हों को तीन लोक तो क्या अपनी पूरी जीवन कहानी का मालूम पड़ जाये।..."
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Ref: 20.05.1971 |