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Ref: 04.03.1972

"...यह स्मृति, वृति और दृष्टि

अलौकिक हो जाती है तो

इस लोक का कोई भी व्यक्ति

वा कोई भी वस्तु आकर्षित

नहीं कर सकती।

 

अगर आकर्षित करती है तो

समझना चाहिए कि

स्मृति में वा वृत्ति में

वा दृष्टि में अलौकिकता की कमी है।

इस कमी को

सेकेण्ड में परिवर्तन में लाना है। ..."

 

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