03.06.2024

  1. बाप जिस तन में आयेंगे तो उसकी पर्सनैलिटी भी चाहिये ना।

    तब कहते हैं बहुत जन्मों के अन्त में, जबकि यहाँ का बड़ा अनुभवी होता है, तब मैं इनमें प्रवेश करता हूँ।

    वह भी साधारण, पर्सनैलिटी का यह मतलब नहीं कि राजा रजवाड़ा हो।

    नहीं, इनको तो बहुत अनुभव है।

    इनके रथ में आता हूँ बहुत जन्मों के अन्त में।